सिहोरा नजदीकी ग्राम बरगी में संगीत मय श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान केआज चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण जन्म के प्रसंग शुरू होते ही पांडाल में मौजूद श्रद्धालु नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजनों के साथ झूम उठे। वहीं श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी कर मक्खन मिश्री के प्रसाद का भोग लगाकर वितरित किया। कथा में बाल ब्रह्मचारी संत ब्रम्हानन्द दास जी महराज ने कहा कि जीवन में जब भी भगवत नाम सुनने का अवसर प्राप्त हो, उससे विमुख नहीं होना चाहिए। भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि जब जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब तब परमात्मा अवतार धारण करके धरती पर धर्म की स्थापना करते हैं।
विभिन्न प्रसंगों पर सुनाई कथा : कृष्ण जन्म की कथा के पूर्व भगवान राम के अवतार की लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने आदर्श स्थापित किया है, वह आज भी प्रासंगिक है। राम जन्म, ताड़का वध, राम विवाह, वनवास, रावण वध सहित राम राज्याभिषेक पर सुन्दर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि द्वापर में जब कंस के अत्याचार बढ़े तो श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर मुक्ति दिलाई
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