ग्राम पंचायत दर्शनी के सरपंच को पद से किया पृथक
जबलपुर/सिहोरा…..न्यायालय विहित प्राधिकारी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत दर्शनी के सरपंच सुमित राय को तत्काल प्रभाव से उनके पद से पृथक कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत दर्शनी के निवासी मोहन झारिया ने 5 फरवरी को अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सरपंच सुमित राय ने अपने पिता श्री संतोष राय के नाम से पंचायत की राशि का अवैध रूप से भुगतान प्राप्त किया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मझौली को जांच के निर्देश दिए गए थे। जनपद स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया।
जांच दल ने पाया कि सरपंच सुमित राय ने अपने पिता श्री संतोष राय को पंचायत के लेखों एवं ‘पंचायत दर्पण पोर्टल’ के माध्यम से कुल 50 हजार रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान विधायक निधि और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत रंगमंच निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्यों के नाम पर किया गया था। यह राशि 23 नवंबर 2023 और 21 नवंबर 2023 को विभिन्न बिलों के माध्यम से संतोष राय के खाते में अंतरित की गई।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पंचायत के किसी पदधारी द्वारा अपने नातेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाना और पद का दुरुपयोग करना ‘अवचार’ की श्रेणी में आता है। इस कृत्य को लोकहित में अवांछनीय मानते हुए, विहित प्राधिकारी ने सरपंच सुमित राय को अधिनियम की धारा 40 (क) (ख) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। जिला पंचायत के सीईओ ने जनपद पंचायत मझौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे ग्राम पंचायत दर्शनी में शीघ्र स्थानापन्न सरपंच की नियुक्ति की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
