जिले में समर्थन मूल्य पर अब तक 13 हजार 612 कृषकों से 47 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जित
कटनी …….रबी विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर शुरू हुये गेहूँ उपार्जन में रविवार 3 मई तक कुल 13 हजार 612 कृषकों से अब तक 47 हजार 75 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। जिले में अब तक 40 हजार 742 कृषकों द्वारा स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है और 15 हजार 288 मीट्रिक टन उपार्जन के स्वीकृति पत्रक जारी किये जा चुके हैं।

गेहूँ उपार्जन में ढीमरखेड़ा अग्रणी
जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर हुए गेहूँ उपार्जन के मामले में तहसील ढीमरखेड़ा अग्रणी है। यहां अब तक की स्थिति में कुल 3647 किसानों से 10 हजार 947 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। जबकि दूसरे नंबर पर तहसील विजयराघवगढ़ में 2053 किसानों से 7 हजार 838 मीट्रिक टन गेहूँ समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया जा चुका है।
इसी प्रकार बहोरीबंद तहसील में अब तक 1821 किसानों से 6 हजार 988 मीट्रिक टन गेहूँ उपार्जित किया गया है। जबकि स्लीमनाबाद तहसील में अब तक की स्थिति में 1327 किसानों से 5 हजार 138 मीट्रिक टन गेहूँ उपार्जित किया जा चुका है। बड़वारा तहसील में 1637 कृषकों से 5 हजार 133 मीट्रिक टन और रीठी तहसील में 1036 किसानों से 3 हजार 650 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।
इसके अलावा बरही तहसील में 1122 किसानों से 4 हजार 64 मीट्रिक टन और कटनी नगर और कटनी ग्रामीण तहसील तहसील में 969 किसानों से 3 हजार 318 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं
कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खरीदी केंद्र में साफ-सुथरा गेंहू लायें।
